चेहरा  

चेहरा  

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चेहरे पे चेहरा कुछ खास है हर चेहरा हर एक सा है सब कुछ पर फिर भी अनजाना है हर चेहरा पल पल रंग बदलता इंसान की सख्शियत का आईना है उसका चेहरा फिर भी कुछ धुंदला सा है हर चेहरा कहते…

तम्मना

तम्मना

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हर कोई कुछ पाना चाहता है कोई दौलत तोह कोई मुकाम पाना चाहता है ऐसी ही चाहत है इस दिल -ऐ -नादान की जो छोटी सी ज़िन्दगी में बहुत कुछ पाना चाहता है सब कल्पना करते हैं कुछ बनने की ज़िन्दगी में…

ऐसा क्यों 

ऐसा क्यों 

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क्यों लोग ज़िन्दगी का मोल समझ नहीं पाते ,  खुदा की रेहमत की कदर नहीं कर पाते बिन मांगे मिला  है सब उस रब से जो नहीं है उसके बिना क्यों रह नहीं पाते। अच्छे वक़्त की कल्पना करते हुए क्यों बुरे…

Borders

Borders

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Borders, who made them? Why they were made? Was it a demand of humanity? Or choice to survive Nothing was it more than a whim That brought humanness to brim Is that what border symbolise? People made borders not only once But…

ऐ ज़िन्दगी

ऐ ज़िन्दगी

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ऐ ज़िन्दगी मैंने तुझे करीब से देखा है  तेरे कुदरत के करिश्मे को रोज़ बदलते देखा है  जैसे सुबह का सूरज अंधकार दूर करता है  वैसे निराशा को उम्मीद में बदलते देखा है    देखा है मैंने कैसे पंछी  भोर पर घोंसले…